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तेल के बाद अब internet ?ईरान बना खतरा !

तेल के बाद अब internet ?ईरान बना खतरा !

Report: Ansh thakur

Update:27.03.2026

अगर आप इस गलतफहमी में होंगे की, internet आपको सिर्फ wifi के जरिए या फिर मोबाइल नेटवर्क के जरिए मिलता हैं तो आप बिल्कुल गलत है ।

सच बात यह है की, इंटरनेट का पूरा जाल केबल द्वारा

Map of undersea internet cables

समुद्र के अंदर से एक दूसरे देश को connect करता है। अतः यह हवा में उड़ने वाली चीज नहीं हैं। दुनिया का 95 परसेंट इंटरनेट का डाटा समुद्र के अंदर से ही transfer होता हैं। और सिर्फ यही वजह है की खाड़ी देशों के तनाव के बीच एक नई चिंता उभर कर सामने आई है।

तो क्या ईरान इन इंटरनेट केबल्स को नुकसान पहुंचा कर दुनिया को काट सकता है?

This is how the cable looks inside the deep sea

क्योंकि रिपोर्ट के मुताबिक यह दावा किया गया है की, red sea और persian gulf के दरमियान कई महत्वपूर्ण जगह से लगभग 15 20 केवल समुद्र के अंदर से निकलता हैं ।जो खास तौर पर वेस्टर्न कंट्री जैसे यूरोप एशिया और अफ्रीका को इंटरनेट के द्वारा जोड़ता हैं। इसी वजह से यह एरिया बहुत ही ज्यादा सेंसिटिव माना जाता है क्योंकि इस एरिया से न सिर्फ तेल और गैस का व्यापार बल्कि दुनिया भर का डाटा ट्रैफिक भी tarvel करता है।

तो क्या खतरा बढ़ सकता है?

क्योंकि हाल ही के दोनों में यह खबर हैडलाइंस बनकर कर सामने आई की,strait of hormuz से गुजरने वाले इन तारों पर खतरा बन सकता है ।

क्योंकि जानकारों का अनुमान है कि ईरान अगर ऐसी स्थिति में आ जाए जहां पर वह कुछ ना कर पाने की स्थिति में हो, तो यह उसका आखिरी हथियार बन सकता है।

हालांकि यह साफ करना जरूरी है कि Iran ने officially ऐसा कोई ऐलान नहीं किया है, न ही ईरानी मीडिया से ऐसी किसी तरह की बात चल कर सामने आई । लेकिन कुछ जानकारों का मानना है की युद्ध में इंफ्रास्ट्रक्चर भी टारगेट बन सकते हैं ।

कुछ अखबार जैसे The Times of India क्या कहता है?
A diagram of an underwater cable network

अगर कल्पना किया जाए किसी वजह से इन cables को नुकसान पहुंचता है,तो 95% इंटरनेट कनेक्शन बंद हो सकते हैं। और दुनिया पूरी तरह से कट सकती है और कई सारे सर्विसेज भी प्रभावित हो सकती है। जैसे बैंकिंग स्टॉक मार्केट ऑनलाइन सर्विसेज इनफॉरमेशन ट्रांसफर इत्यादि।

सवाल यह भी है कि क्या भारत देश पर इसका प्रभाव पड़ सकता है?

तो जवाब है हां। क्योंकि इसके पहले भी केवल डैमेज होने की वजह से दुनिया भर के इंटरनेट कनेक्टिविटी पर असर पड़ चुका है जिसकी वजह से कुछ दिनों तक इंटरनेट कनेक्टिविटी कट चुका था या धीमा माहो चुका था।

किंतु कुछ सच्चाई भी है जिसे मानना जरूरी है

समुद्र की गहराई में मौजूद Undersea cables को नुकसान पहुंचाना बहुत आसान नहीं है ,क्योंकि दुनिया भर में backup routes और alternate systems भी मौजूद हैं।

इसलिए ऐसा कहना कि एक ही झटके में इंटरनेट कनेक्शन बंद हो जाएगा और दुनिया के एक दूसरे से कट जाएगी यह कहता गलत है पूरी सच्चाई नहीं है फर्क पड़ सकता है यह मान सकते हैं।

इसलिए यह कहना कि दुनिया एक दूसरे से कट सकती है यह एक मनगढ़ंत बात है कुछ मीडिया में बड़ा-चढ़कर दिखाने की कोशिश करते हैं सच यह है की, दुनिया का इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत ही मजबूत है।

विश्लेषण:

किसी भी देश पर अगर एक ताकतवर देश हमला करता है, तो वह देश खुद को बचाने के लिए हर गांव पेज को अपनाता है सबसे पहले वह उसके सैनिक हड्डो पर हमला करता है ताकि दूसरे देश के सैन्य ताकत को काम किया जा सके।

किंतु युद्ध में समय अनुसार परिस्थितियों बदलते रहती हैं जैसे कि ईरान स्ट्रेट ऑफ हार्मुज पर अपना पकड़ बनाए रखना । जो कि ईरान के लिए अमरीका के ऊपर दबाव बनाए रखने में कुछ हद तक मदद गार साबित हो रहा है ।

ठीक उसी तरह internet भी उसी जगह से निकली हुई है तो सिर्फ एक कयास लगाया जा रहा है कि, क्या यह ईरान के लिए अंतिम विकल्प साबित हो सकता है?ध्यान रखे कि यह सिर्फ एक कयास मात्र है ।

Report:Ansh thakur (blogger, editor,creater)

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