IRAN WAR: झुक गया या झुकेगा अमेरिका? मान लिया या मानेगा ईरान की शर्त ?

Report:Ansh thakur
Update 24 .03.2026
युद्ध रोकने के लिए क्या हैं Iran की शर्तें? पूरी रिपोर्ट!
हाल ही के दिनों में middle east में बढ़ते युद्ध के बीच ईरानी गवर्नमेंट ने यह साफ कर दिया है कि युद्ध विराम उसके हाथ में हैं न कि अमरीका के लेकिन वह बिना शर्त युद्ध रोकने के लिए कतई तैयार नहीं है।
कुछ हाल में ही आए रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान भी अमेरिका और अमेरिका के सहयोगियों देशों के सामने कुछ ऐसी सख्त शर्तें रखी हैं, जो कि अमेरिका को मानना मुमकिन नहीं है अन्ततः यह युद्ध बिना महा संग्राम के बिना खत्म होना न मुमकिन माना जा रहा है।
आखिर कार ईरान ने अमेरिका की दुखती नस जो पकड़ ली है वो है स्ट्रेट ऑफ हार्मुज। ईरान को पता है कि यही एक प्रेशर दुनिया में हलचल पैदा कर चुका है जिससे सभी देश प्रभावित होंगे और अमेरिका झुकेगा ।
आइए जानते है क्या शर्त रखी है ईरान ने ?

पहला और और सबसे अहम शर्त यह है कि
ईरान देशअपने सम्पूर्ण “अधिकारों की मान्यता” चाहता है।
ईरान यह चाहता है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश उसके परमाणु कार्यक्रम एवं क्षेत्रीय स्थानीय भूमिका को पूर्ण रूप से स्वीकार करें। ईरान का कहना है कि उसे अपनी स्थानीय सुरक्षा और उसके विकास के स्वयं फैसले लेने का पूरा अधिकार है।
दूसरी सबसे बड़ी शर्त यह है कि !
अमेरिका और इजरायल द्वारा हो रहे हमलों को तुरंत रोका जाए और और भविष्य मेंअन्यथा किसी तरह के भी सैन्य कार्रवाई न करने की गारंटी।
ईरान साफ चाहता है कि अमेरिका और उसके सहयोगी साफ तौर पर यह गारंटी दे कि। भविष्य में उस पर किसी प्रकार का हमला नहीं होगा। एवं साथ ही वैश्विक स्तर पर ऐसी प्लान बने जिससे भविष्य में कभी ही संघर्ष दोबारा न हो।
तीसरी और सबसे कड़ी शर्त क्या है?
इस संघर्ष में जितना नुकसान हुआ हैं उसकी भरपाई हो।इसके अलावा ईरान ने यह मांग भी मांग की है कि US और उसके अन्य सहयोगी देशों को मिलकर हमलों से हुए आर्थिक रूप से और इंफ्रास्ट्रक्चर का हुये नुकसान का सभी देशों को मिलकर मुआवजा देना होगा।
क्या कहते है विशेषज्ञ?
कुछ बुद्धिजीवी यह्ब मानते हैं कि ईरान द्वारा रखे गए ये शर्तें काफी सख्त हैं और इन सभी शर्तों मानना अमेरिका के लिए इतना आसान नहीं है। इसलिए यही वजह है कि किसी प्रकार के बातचीत के उपरांत भी युद्ध खत्म होने की संभावना अभी भी न मुमकिन सी बनी हुई है।
आखिर निष्कर्ष क्या है ?
ईरान देश ने यह खुला संकेत दे दिया है कि वह फिलहाल पीछे नहीं हटेगा न ही इस स्थिति में किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। जब तक ईरान की मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक इस युद्ध का जल्दी खत्म होना नामुमकिन नजर आता है।
Report:A. Thakur (blogger, writer editor)
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