Bengal Election: क्या मुस्लिम वोट ने पलटा गेम? जानिए अंदर की कहानी!”
Report: Ansh thakur
Update: 05.05.2026
Bengal Election 2026, एक ऐसा राज्य जहां हमेशा से यह माना जाता रहा BJP के लिए Bengal जितना नामुमकिन है, Mamta दीदी भी इसी बात का ताल ठोकती थी कि , west Bengal का किला अभेद है,BJP के लिए भी यह किला जितना उसके नाक का सवाल बन गया था।इस election जीत जरिए साबित करना था कि BJP की ताकत कम नहीं हुई है। इस जीत के बाद पूरे देश में BJP और भी मजबूती से उभर कर आई है। अब सवाल यह भी है कि यह गेम आखिर पलटा कैसे हैं?
इस राज्य के इतिहास में आजादी के बाद से अब तक left की सरकार रही, उसके बाद में ममता बनर्जी का सरकार काफी लंबे समय तक सत्ता पर काबिज रहा। किंतु चुनावी factor ऐसा बना कि, जो पूरी तरह से राजनीतिक समीकरण को बदल कर रख दिया।
प्रधानमंत्री Narendra Modi की राजनीतिक स्तर पर रणनीति और BJP का जमीनी स्तर पर उतरकर सीधा वोटरों बीच जाना काम आया।
जानते हैं वह पांच reason कौन से हैं जिससे भाजपा को प्रचंड बहुमत प्राप्त हुआ।
1.Anti-incumbency wave जनता में सत्ता परिवर्तन की भावना।

वर्षों से चले आ रहे TMC के सत्ता के प्रति बदलाव की भावना जनता में इस बार हर तरफ नजर आया, जनता के बीच बदलाव का मूड जनता में एक नई दिशा की तलाश और मैं परिवर्तन को जन्म दिया जिसकी वजह से उसका पूरा फायदा BJP पार्टी को प्राप्त हुआ।
2. वोटरों के बीच सुरक्षा और भरोसे का माहौल।
सुरक्षा को लेकर west Bengal में हमेशा एक डर का माहौल रहा।क्योंकि TMC के कार्यकर्ता घर-घर वोट मांगने की बजाय लोगों को धमकाना शुरू कर दिया था।लोगों में इस तरह का डर पैदा कर दिया था की,अगर TMC को वोट नहीं देते हो तो घर में बैठो।
किंतु अगर BJP को वोट डालने के लिए बाहर निकलोगे तो परिणाम बुरा होगा। इन सभी बातों को मद्दे नजर रखते हुए इस बार चुनाव आयोग ने Central police force को West Bengal में सुरक्षा का जिम्मेदारी सौंपी जिसकी वजह से आम जनता को भी एक सुरक्षा की भावना विकसित हुआ।और यही वजह थी कि इस बार वोट प्रतिशत मैं भारी इजाफा हुआ।
3. जमीनी स्तर पर booth level के कार्यकर्ताओं का मेहनत।

Bengal election:BJP ने इस बार booth level तक अपनी पकड़ को सक्रियता दिखाते हुए काफी मजबूत कर लिया, booth worker के बीच गलतफहमी को दूर करते हुए एक नया जोश में भरने का काम बीजेपी ने किया। जिसे micro management और वोटरों से direct connectivity बढ़ गया और यही वजह है कि booth level तक बीजेपी काफी मजबूत नजर आयी।
4. वोट प्रतिशत में भारी परिवर्तन का होना।
हालांकि हमेशा यह माना जाता है कि, जब वोट प्रतिशत बढ़ता है तो, इसका अर्थ यह होता है कि जनता सत्ता परिवर्तन के लिए भारी मात्रा में वोट डाल रही है।किंतु कभी-कभी इसका परिणाम अक्सर बदलाव नहीं होता है । पर इस चुनाव में वोट प्रतिशत बढ़ना सत्ता परिवर्तन के लिए ही माना जा रहा है।
5. narrative war और नेतृत्व का खेल।
एक तरफ सत्ताधर पार्टी अपने उपलब्धियां को narrative बना कर चलती है तो ,दूसरी तरफ BJP कानून व्यवस्था विकास और सुरक्षा का narrative लेकर, इस चुनावी मैदान में उतरी थी, हालांकि West Bengal में कानून व्यवस्था को लेकर काफी सवाल उठाते रह गए हैं, एवं भ्रष्टाचार का भी मुद्दा इस चुनाव में हावी रहा । जिससे भाजपा को भरपूर फायदा प्राप्त हुआ।
विशेष:
क्या इस चुनाव में मुस्लिम तुष्टिकरण भी हावी रहा?

जी हां विशेषज्ञों का कहना है कि मुस्लिम बहुल इलाके से भी लगभग 40 से 45 seat ममता बनर्जी को कम आए हैं। Mamta banarji और उनके party के लोगों को इस बात का घमंड हो गया था कि, कि उनकी party को BJP कभी नहीं हरा सकती ।
क्योंकि उनके साथ बहुत मात्रा में मुस्लिम वोट है ,जो कि लगभग 27% होता है,वह उनके साथ खड़े हैं। किंतु दूसरी तरफ TMC यह भूल कर दी की मुस्लिम वोटो के तुष्टीकरण के वजह से हिंदू वोटरों को नजर अंदाज कर दिया।
और इसी बात का फायदा BJP ने अपने मुद्दे में भी शामिल किया जैसे घुसपैठियों का मुद्दा, मंदिर में पूजा पाठ का मुद्दा, त्यौहार मनाने का मुद्दा, यही सब बातें हिंदू वोटरों को एकजुट कर दिया और उसका पूरा लाभ भाजपा को प्राप्त हुआ।
अन्य फायदे महिलाओं महिलाओं को 30% नौकरी में रिजर्वेशन और ₹3000 महीना देने का वादा भी बीजेपी के लिए लाभकारी सिद्ध दुआ।
Disclaimer:
यह सिर्फ एक चुनावी विश्लेषण है। इसे किसी पार्टी के favour में लिखा गया लेख ना समझे हमारा website स्वतंत्र रूप से विश्लेषण करता है। और करता रहेगा इसमें कोई बड़ा चढ़ा कर लिखे गए बातें नहीं है। अगर किसी प्रकार की त्रुटि आपको लगती है तो,आप हमें comment box में comment करके विचार रख सकते हैं।
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Report: Ansh thakur (blogger creater writer)
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